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क्या आपको भी रहता है घुटनों में दर्द ? लक्षण,कारण,बचाव,इलाज ( Do you also have pain in the knees? Symptoms, causes, healing, cure)

क्या आपको भी रहता है घुटनों में दर्द ? लक्षण,कारण,बचाव,इलाज ( Do you also have pain in the knees? Symptoms, causes, healing, cure)



घुटनों में दर्द (Knee pain)
 घुटनों में दर्द की समस्या एक आम बात है जो सभी उम्र के लोगों के साथ होती है।  यह खिलाड़ियों में बहुत ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि उनमें विटामिन डी की कमी हो जाती है अगर वे स्वस्थ खान पान का सेवन करें तो विटामिन डी की शरीर में पूर्ति हो जाती है जिसके कारण इस बीमारी से बचा जा सकता है। कई बार घुटनों में दर्द है कोई चोट लगने की वजह से भी हो सकती है जैसे लिगामेंट का टूटना लिगामेंट एक ऐसा पदार्थ होता है। जो दो हड्डियों का आपस में जोड़ के रखता है या फिर कार्टिलेज का फटना ये एक ऐसा पदार्थ होता है जो हमारे गले में घुटनों में कोहनी में और श्वसनतंत्र समेत शरीर के कई भागों में  होता है। कई बार ये लोग अन्य रोगों के कारण से भी होता है जैसे घटिया गाउट संक्रमण आदि।
 घुटनों में दर्द होने पर यह ज्यादातर अपनी देखभाल रखने के कारण ही ठीक हो जाता है और सामान्य उपाय कर लेने के बाद ही ठीक हो जाता है। कई मामलों में देखने को मिला है कि आपको अपना दर्द खत्म करने के लिए आपको अपने घुटने की सर्जरी करवानी पड़ सकती है। इसलिए आपको समय रहते इस रोग का इलाज करवा लेना चाहिए।
1 घुटनों के दर्द के लक्षण  (Symptoms of knee pain)
2 घुटनों के दर्द के कारण (Causes of knee pain)
3 घुटनों के दर्द से बचाव  (knee pain prevention)
4 घुटनों के दर्द का इलाज (Treatment of knee pain)
5 घुटनों के दर्द की जटिलताएं (knee pain complication)





घुटनों में दर्द के लक्षण   (Symptoms of knee pain)

घुटनों के दर्द के लक्षण कई बार अलग अलग दिखाई दे सकते हैं।
 आपका पैर सूज सकता है या फिर जकड़ सकता है
जहां पर आपको दर्द है वहां पर त्वचा लाल होना
दर्द दर्द वाली जगह छूने पर गर्म महसूस होना
शारीरिक कमजोरी
उठते बैठते से मैं घुटनों से आवाज आना
घुटनों का पूरी तरह से सीधा न हो पाना

डॉक्टर को कब दिखाएँ
 अगर आपको ये सभी लक्षण दिखते हैं तो आपको डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए।
अगर आपका घुटना आपके शरीर का वजन सहन न कर पा रहा हो।
घुटनों में ज्यादा सूजन आ जाने पर
घुटनों को मोड़ने या सीधा न कर पाने की स्थिति में
आपको ऐसा लगे कि घुटना स्थिर नहीं  है या घुटना बाहर निकल गया है
 घुटने की त्वचा लाल होना या फिर त्वचा का गरम महसूस होने पर



घुटनों के दर्द के कारण (Causes of knee pain)

घुटने में दर्द क्यों होता है
घुटने में दीर्घकालीन दर्द से अस्थायी दर्द अलग होता है काफी लोगों में अस्थायी दर्द ही देखने को मिलता है जैसे किसी को चोट लगने या दुर्घटना के कारण यह दर्द होता है। दीर्घकालीन दर्द बहुत कम मामलों में ही देखने को मिलता है दीर्घकालीन दर्द बहुत कम मामलों में बिना इलाज करवाए ठीक हो पाता है।


घुटनों का दर्द होने के निम्नलिखित कारण है

आस्टियोआर्थराइटिस - इसमें जोड़ों के बिगड़ने और उनकी बदतर स्थिति होने के कारण दर्द सूजन और अन्य समस्याएं होने लगती है।
टेंडिनाइटिस - इसमें घुटनों के अगले हिस्से में दर्द होता है जो सीढियां चढ़ने और चलते समय अधिक बद्तर हो जाता है।
मेनिसकस - टेयर घुटनों के कार्टिलेज में एक या उससे ज्यादा टूट फूट होना।
लिगामेंट - का टूटना लिगामेंट एक रेशेदार और लचीला ऊतक होता है जो दो हड्डियों को आपस में जोड़ने में मदद करता है। घुटनों में स्थित चार लिगामेंट में से एक का भी टूटना घुटनों में दर्द का कारण बन सकता है। स्टीकर्स लिगामेंट में ज्यादातर एंटीरियर क्रूसिेट लिगामेंट के मामले पाए जाते हैं।
हड्डियों के ट्यूमर - आस्टियोसाकोमा दूसरे आप सबसे प्रचलित हड्डियों का कैंसर होता है। यह सबसे ज्यादा घुटनों में ही होता है।
डिसलोकेशन - हड्डियों के जोड उखड़ने या जंग ऐसे हिल जाने को डिस्लोकेशन कहते हैं घुटनों के ऊपर ही हड्डी का डिस्लोकेशन अक्सर आघात के कारण ही होता है।
गाउट - यह गठिया का एक रूप होता है जो यूरिक एसिड बनने की वजह से होता है।

  कुछ कारक जो घुटनों के दीर्घकालीन दर्द को बदतर बना देते हैं

  • घुटने के ढांचे पर चोट लगना सूजन व खून बहने का कारण बन सकती है और अगर इसका ठीक से इलाज न किया जाए तो समय के साथ साथ यह दीर्घकालीन दर्द जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती है
  • घुटनों में मौज या खिंचाव
  • घुटनों का ज्यादा इस्तेमाल करना
  • संक्रमण होना
  • गलत मुद्रा व ढंग से शारीरिक गतिविधियां करना
  • किसी शारीरिक गतिविधि को करने से पहले और बाद में वार्मअप और कूलिंग डाउन न करना
  • मांसपेशियों को गलत तरीके से स्ट्रेच करना


घुटनों के दर्द के कारण (Causes of knee pain)

मोटे लोगों के लिए -
घुटने संबंधी समस्याओं के जोखिम ज्यादा होती है। सामान्य से अतिरिक्त वजन होने पर चलते भागते और सीढियों पर चढते से मैं हर अतिरिक्त एक 1 वजन पर घुटनों पर 3 किलो जितना दबाव पड़ता है।
उम्र
अधिक खेलकूद और व्यायाम
पहले कोई आघात या चोट लगी होना



घुटनों के दर्द से बचाव  (knee pain prevention)



घुटनों के दर्द से बचाव  (knee pain prevention)

घुटऩे के दर्द के रोकथाम के तरीके
हालांकि घुटने के दर्द को हर बार रोक पाना संभव नहीं है पर कुछ सुझाव घुटनों की चोट और अन्य जोङ संबंधी समस्याओं की रोकथाम करने में मदद कर सकते हैं।

1 अतिरिक्त वजन कम कर लें अगर आप घुटने की समस्याओं से बचना चाहते हैं तो आप अपने शरीर का अतिरिक्त वजन कम कर लें और अपने शरीर को स्वस्थ्य रखें।
2 स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए फिट रहे  स्पोर्ट्स करते हैं तो आपको अपने शरीर को फिट रखना चाहिए क्योंकि अगर आपकी मांसपेशियां स्वस्थ रहेगी तो आप खेलों में जा सकते हैं। ऐसा करने पर आपके घुटनों में दर्द भी नहीं होगा।
3 सावधानी से व्यायाम करें अगर आपको ऑस्ट्रियाआर्थराइटिस दीर्घकालीन घुटनों के दर्द या घुटनों में बार बार होने वाली अंदरूनी समस्याएं हैं तो आपको अपने व्यायाम करने के तरीके में बदलाव कर लेना चाहिए। आपको सप्ताह में एक दो दिन स्वीमिंग जरूर करनी चाहिए। अगर आपको पहले ही घुटनों में दर्द रहता है। तो आप व्यायाम की गतिविधियों को सीमित कर दीजिये।
4 शरीर को मजबूत और लचीला रखें
मांस पेशियों का कमजोर होना घुटनों के दर्द के लिए बहुत बड़ा कारण है इसलिए  आपको जांघ के आगे वाली मांसपेशियों और घुटनों के पीछे वाली मांसपेशियों को मजबूत कर लेना चाहिए क्योंकि ये मांसपेशियां घुटनों को सहारा देती हैं। अधिक टाइट मांसपेशियां भी अंदरूनी चोट के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं।



घुटनों के दर्द का इलाज (Treatment of knee pain)


घुटनों के दर्द का इलाज (Treatment of knee pain)



दवाइयां-
घुटनों में अस्थिर दर्द होने पर आप उसे दवाइयों से या घरेलू नुस्खों से ठीक कर सकते हैं।
थेरेपी-
घुटनों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी होता है। व्यायाम हमारे घुटनों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत और उन्हें स्थिर बनाता है। अपने शारीरिक संतुलन में सुधार करने के लिए भी व्यायाम काफी महत्वपूर्ण होता है।
इंजेक्शन-
कई बार डॉक्टर इंजेक्शन को सीधा आपके प्रभावित जोड़ों में लगाने का सुझाव देते हैं।
कार्टीकोस्टेराइड - इस दवा का इंजेक्शन घुटनों के जोड़ में लगने से घुटनों के दर्द के लक्षणों को कम कर देता है पर यह इंजेक्शन सारे मामलों में काम नहीं कर पाता । इसमें संक्रमित होने का खतरा भी बना रहता है।
सप्लीमेंट लुब्रिकेशन-  जैसा हमारे घुटनों में द्रव होता है यह उसी प्रकार का द्रव होता है। घुटनों के दर्द को खत्म करने के लिए और चलने फिरने में सुधार लाने के लिए इस तरह को इंजेक्शन में डालकर आपके घुटनों में लगाया जाता है। इसके सिर्फ एक इंजेक्शन से ही आपको छह महीने से एक साल तक आराम रहता है।

सर्जरी 
कई बार आपको ऐसी चोट लग जाती है जिसको सर्जरी की जरूरत होती है। सर्जरी का मतलब होता है ऑपरेशन। सर्जरी के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले बिना सर्जरी के उपचारों पर और सर्जरी से संबंधित फायदे और नुकसानों पर विचार करें। यदि आप सर्जरी का विकल्प चुनते हैं तो सर्जरी के विकल्पों में नियमन शामिल हो सकते हैं।

आर्थरोस्कोपिक सर्जरी - इस सर्जरी के करने के बाद आपके घुटनों के जोड़ों से ढीलेपन को निकाला जा सकता है। इसमें क्षतिग्रस्त  कार्टिलेज को हटाना या मरम्मत करना और कार्टिलेज को काट कर निकाल देते हैं और उसके बाद लिंगामाइट का फिर से निर्माण  किया जाता है।
पूरे घुटने को बदलना -  इस प्रक्रिया में डॉक्टर आपके जंगों की हड्डी ,पिंडली की हड्डी को निकाल कर कार्यम अंगों से बदल देते हैं। ये कृत्रिम अंग मिश्र धातु, हाई ग्रेड प्लास्टिक और पॉलीमर से बने होते हैं।





घुटनों के दर्द की जटिलताएं (knee pain complication)

सभी घुटनों के दर्द गंभीर नहीं होते लेकिन कुछ घुटनों की छोटे तथा मेडिकल स्थिति अगर उनको औपचारिक छोड़ दिया जाए तो विकलांगता जैसी स्थितियां भी पैदा हो सकती है। अगर घुटनों में चोट लगती है यहां तक कि वह मामूली भी हैं तो भी आप जरूर डॉक्टर से सलाह लें और डॉक्टर को दिखाएं। नहीं तो यह आगे जाकर आपके लिए बहुत बड़ी समस्या बन सकती है।