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तुलसी के फायदे और नुकसान (Basil benefits and loss)


तुलसी भारत में एक पवित्र पौधे के रूप में जानी जाती है तुलसी एक जडी बूटी के रूप में भी जानी जाती है तुलसी को जड़ी बूटियों में रानी कहा जाता है तुलसी भारत के हर घर में पाया जाने वाला एक पौधा है हिन्दू लोग तुलसी की देवी के रूप में पूजा करते हैं इसके प्रभावी फायदों के कारण यह भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में भी जानी जाती है

तुलसी एक सुगंधित जडी बूटी है जो सबसे अधिक खाना पकाने में मसाले के रूप में बिजली जाती है लेकिन यह अपने विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के लिए भी लोकप्रिय तुलसी के पत्तों में रासायनिक योगित होते हैं जो बीमारियों को शरीर में घुसने से रोकते हैं और हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं

यह कम कैलोरी वाली जड़ी बूटी एंटी ऑक्सिडेंट,जलन और सूजन कम करने में सहायक है तुलसी में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज, तांबा, केल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम औऱ ओमेगा थ्री  जैसे बहुत सारे आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं यह सभी पोषक तत्व आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है

 तुलसी के फायदे और नुकसान (Basil benefits and loss)





















तुलसी के फायदे (benefits of Tulsi)


तुलसी से खांसी ठीक करें (Fix cough with basil)

  1.  तुलसी के पत्ते खाने से सर्दी और जुकाम में आराम   (Relaxing cold and cold in eating basil leaves)
  2.  तुलसी के पत्ते चबाने से पाएं तनाव से छुटकारा  (Get rid of stress by chewing basil leaves)
  3. तुलसी से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए  (Increase the immunity of disease from basil)
  4.  तुलसी का रस आंखों के लिए वरदान   (Basil are boon for our eyes)
  5.  तुलसी के औषधीय गुण मौखिक स्वास्थ्य के लिए     (Medicinal properties of Tulsi for oral health)
  6.  तुलसी का उपयोग चेहरे के लिए    (Use Basil for face)
  7.  तुलसी की चाय से ठीक करें सिर दर्द    (Fix headache from basil tea)
  8.  तुलसी के पत्ते खाने से गुर्दे की पथरी में होगा सुधार  (Eating Basil leaves will improve kidney stones)



तुलसी के नुकसान (Bad effects of basils)
तुलसी खाने का सही तरीका (The right way to eat basil)
तुलसी खाने का सही समय (The right time to eat basil)





तुलसी से खांसी ठीक करें (Fix cough with basil)
तुलसी खांसी के सिर में एक महत्वपूर्ण घटक होता है पर आप सिर्फ लेने की बजाय तुलसी का घरेलू औषधि के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं यह भी उतना ही असरदार होगा जितना कि सिरप ।  आठ से दस तुलसी के पत्ते और पांच लोग एक का पानी में डालें और दस मिनट के लिए इसे उबालें आप स्वाद के अनुसार इसमें कुछ नमक भी मिला सकते हैं अब आप इसे ठंडा होने दें और इसे पी लें इस मिश्रण को पीने से आपके गले की खराश खांसी में  जल्द आराम होगा


तुलसी के पत्ते खाने से सर्दी और जुकाम में आराम   (Relaxing cold and cold in eating basil leaves)
तुलसी के पत्ते बुखार और जुकाम के इलाज में इस्तेमाल किए जाते हैं  तुलसी के पत्ते खाने से आप जुकाम और बुखार जैसी बीमारियों से बच सकते हैं बरसात के मौसम में मलेरिया और डेंगू बुखार का खतरा होता है ऐसे में पानी उबालकर तुलसी की कोमल पत्तियों उसमें डाल दें और इसका सेवन करें इस मिश्रण का सेवन आपको इन खतरनाक बुखारो से आपको सुरक्षित रखेगा
जब आपको तेज बुखार हो तो आप तुलसी की पत्तियां और इलायची पाउडर के साथ उबाल कर गाढ़ा बना लें और इसे दिन में तीन से चार बार पीएं तुलसी के पत्तों का रस से तेज बुखार को कम कर सकता है
सर्दी और जुकाम के दौरान आप चाय में तुलसी, अदरक, काली मिर्च और इलायची डालकर पीने से बुखार में जल्द आराम मिल जाता है


तुलसी के पत्ते चबाने से पाएं तनाव से छुटकारा  (Get rid of stress by chewing basil leaves)
तुलसी के पत्ते तनाव को दूर करते हैं तुलसी के पत्ते आपके शरीर में तनाव के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हैं तुलसी ऊर्जा और ध्यान बढ़ाने के लिए भी काम करती है जिससे ये दोनों तनाव को दूर करने में मदद करते हैं आपको दिन में दो बार तुलसी के आठ से दस पत्ते सुबह शाम खाना चाहिए इससे तनाव संबंधी बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं तुलसी के पत्ते खाने से आपका रक्त भी शुद्ध रहता है

तुलसी से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए  (Increase the immunity of disease from basil)
तुलसी के पत्ते आपको नियमित रूप से खाने चाहिए ऐसा करने से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है जिससे हमारा शरीर बहुत सारी बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्राप्त कर लेता है तुलसी के बहुत सारे रासायनिक योगिक शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली एंटीबॉडी के उत्पादन में बीस प्रतिशत तक की वृद्धि करते हैं जल्दी परिणाम पाने के लिए आप तुलसी के सूखे पत्तों की बजाय ताजा और हरे पत्तों का सेवन करें


तुलसी का रस आंखों के लिए वरदान   (Basil are boon for our eyes)
 हर रोज दस से पंद्रह तुलसी की पत्तियां सुबह शाम खाने से शरीर में विटामिन ए की पूर्ति हो जाती है विटामिन ए में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और वे आंखों के स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है ताजा तुलसी का रस आंखों की सूजन और रतौंधी के लिए अच्छा होता है जो आमतौर पर विटामिन ए की कमी के कारण होता है आंखों को स्वस्थ रखने के लिए प्रति दिन सोने से पहले आप आंखों में काली तुलसी के रस की दो बूंदे डाले


तुलसी के औषधीय गुण मौखिक स्वास्थ्य के लिए     (Medicinal properties of Tulsi for oral health)
तुलसी मौखिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी होती है तुलसी दुर्गंध भरी साँसों और पायरिया को दूर करने के लिए भी काफी मददगार होती है तुलसी मसूडों के संबंधी बीमारियों को भी ठीक करती है इसमें ऐसे गुण होते हैं जब मसूडों को मजबूत बनाते हैं आप कुछ तुलसी के पत्तों को धूप में कुछ दिन के लिए सुखा दें और सूखने के बाद उनको पीस लें और अब आप उनको टूथ पेस्ट के रूप में प्रयोग करें इससे अपने दांतों को पुरूष करें आप थोड़ा सा सूखी पत्तियों का चूरन लेकर अपने दांतों की मालिश भी कर सकते हैं ऐसा करने से आपको दुर्गंधित साहस से छुटकारा मिल जाएगा


तुलसी का उपयोग चेहरे के लिए    (Use Basil for face)
आप तुलसी का प्रयोग मुंह पर निकले मुंहासों को ठीक करने के लिए भी कर सकते हैं ताजा तुलसी के पत्तों का रस त्वचा से बैक्टीरिया को हटाने में मदद करता है जो त्वचा के रोमछिद्र बंद होने और मुहांसों के होने का मुख्य कारण है अगर आपके मुंह पर पहले से मोहाशा सम है तो आप उसको ठीक करने के लिए भी तुलसी का प्रयोग कर सकते हैं तुलसी दाद सोरायसिस और कीड़े के काटने जैसी समस्याओं के इलाज के लिए भी इस्तेमाल की जाती है तुलसा के प्रयोग से आप की त्वचा नरम, कोमल और स्वस्थ बनी रहती है


तुलसी की चाय से ठीक करें सिर दर्द    (Fix headache from basil tea)
अक्सर आपने देखा ही होगा कि चाय में तुलसी का प्रयोग बहुत सारी जगहों पर किया जाता है तुलसी की चाय बनाने के लिए एक कप उबलते पानी में कुछ ताजा तुलसी के पत्ते डाल दीजिये और कुछ मिनट के लिए रहने दे फिर चाय छान लें चाय आराम से पीए और आपके सिर का दर्द धीरे धीरे गायब हो जाएगा हल्के सिरदर्द के लिए आप कुछ तुलसी के पत्ते जवाब भी सकते हैं या फिर आप तुलसी के तेल की अपने सिर पर मालिश भी कर सकते हैं

 तुलसी के पत्ते खाने से गुर्दे की पथरी में होगा सुधार  (Eating Basil leaves will improve kidney stones)
तुलसी गुरुदेव की कार्यप्रणाली पर एक मजबूत प्रभाव डालती है  तुलसी एक डिटॉक्स फायर और हल्के मुद्रा वर्धक होने की वजह से शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद  करता है तुलसी पेशाब की बढ़ती आवृत्ति के माध्यम से गुर्दे को साफ करने में मदद करता है  खाली पेट में गिलास पानी के साथ पान के तुलसी के पत्तों का सेवन करें यदि आपके गुर्दे में पथरी हैं तो तुलसी के ताजा रस को और शहद को समान मात्रा में मिलाकर इनका चार पांच महीनों तक सेवन करें ऐसा करने से आपकी गुर्दे की पथरी को उत्तर मार्ग से बाहर निकलने में मदद मिलेगी



तुलसी के नुकसान (Bad effects of basils)
तुलसी के फायदों के साथ साथ उसके कुछ नुकसान भी हैं जैसे तुलसी हमारे खून को पतला करती है इसलिए इसका सेवन खून के जमने को रोकने वाली दवाओं के साथ नहीं लेना चाहिए
यदि  मधुमेह से पीड़ित लोग जो दवा ले रहे हैं उन्हें तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि उनकी रक्त संकरा में अत्यधिक कमी हो सकती है
गर्भावस्था के दौरान तुलसी की अत्यधिक मात्रा गर्भाशय के संकुचन और मासिक धर्म का कारण बन सकती है विशेष रूप से पहली थी माई में महिलाओं को इसके उपयोग से बचना चाहिए स्तन पान करने वाली माताओं को भी तुलसी के सेवन से बचना चाहिए अगर वे लेना चाहती है तो वे पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले
अधिक तुलसी की चाय से एसिडिटी भी हो सकती है




तुलसी खाने का सही तरीका (The right way to eat basil)
 तुलसी की पत्तियों का आप की तरह से सेवन कर सकते हैं तुलसी के पत्तों को आप कच्चा भी खा सकते हैं तुलसी की पत्तियों का आप चाय में डालकर भी सेवन कर सकते हैं चाय बनाते समय आप उसमें आठ से दस पत्ते तुलसी के डाले और अब इस चाय को पी लें



तुलसी खाने का सही समय (The right time to eat basil)
वैसे तो हम तुलसी कभी भी खा सकते हैं लेकिन तुलसी का सेवन आपकी दिनचर्या पर निर्भर करता है तुलसी का सेवन किस समय करें यह इस बात पर नहीं करता है कि आप इसका उपयोग क्यों कर रहे हैं आम तौर पर तुलसी का प्रयोग सुबह खाली पेट किया जाता है यदि आपको खाना पचाने में परेशानी होती है तो आप इसका प्रयोग खाना खाने के बाद भी कर सकते हैं यह आपके खाने को पचाने में मदद करेगी

धन्यवाद

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